क्रिकेट का वर्चस्व भारत में-Supremacy of cricket in India

 क्रिकेट की क्रांति:

क्रिकेट की क्रांति बारहवीं शताब्दी के शुरुआती दशकों में इंग्लैंड में हुआ था। यह खेल उस समय गांवों में बहुत लोकप्रिय था, और लोगों के बीच मनोरंजन का एक अच्छा साधन बन गया था। यह ज्यादा तर वहा के किसानों द्वारा खेला मनोरंजन के लिए खेला जाता था। क्रिकेट की शुरुआत भारत में अंग्रेज़ों द्वारा की गई थी। यह खेल ब्रिटिश शासन के समय में भारत आने वाले अंग्रेज़ सैन्य अधिकारियों द्वारा पहले प्रचारित किया गया था। 18वीं सदी के आसपास ही भारत में क्रिकेट के खेलने का पहला उल्लेख हुआ था। इसके पश्चात, क्रिकेट खेलने का शौक भारतीयों के बीच भी फैलने लगा।फिर जब अंग्रेज भारत आए तो यह खेल भारत में भी लोकप्रिय हो गया। 

क्रिकेट का परिवर्तन इंडिया में:

क्रिकेट का पहला परिवर्तन भारत ले आया गया था, जब 1721 में गुजरात के नौवांगर में एक ऐतिहासिक मैच आयोजित किया गया था। इस मैच में एक इंग्लिश टीम और एक गुजराती टीम आपस में भिड़ी। इस मैच को लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया और खेल का मजा उठाया। यह इंग्लैंड टीम के खिलाफ भारतीय टीम की पहली जीत हुई थी। इससे पहले इंग्लैंड टीम ने भारत में कोई मैच नहीं खेला था, लेकिन इंग्लैंड टीम की इस हार से भारतीय टीम में आत्मविश्वास जग गया। और उन्होंने अपनी एक खुदकी टीम बनाई और अब यह खेल पूरे भारत में फैल गया था, जिसके कारण अब हर कोई इस खेल का आनंद उठाने लगा।

वर्ष 1928, में बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) की स्थापना हुई, जिसका मेन उद्देशय भारत में क्रिकेट को बड़ावा देना और मैचेस करवाना था। वर्ष 1947, में भारत आज़द  हो गया। जिसके बाद भारत के एक नई और व्यवस्थित टीम बनी। साल 1952 में, भारतीय क्रिकेट टीम ने पहली बार इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। और इसके बाद, पूरे देश में क्रिकेट और भी लोकप्रिय हो गया, हर गांव वा सहर में अब यह खेला जाने लगा। भारत एक विश्व प्रसिद्ध क्रिकेट देश के रूप में जाना जाता है और यहां के क्रिकेटर विश्वस्तरीय मुकाबलों में अपने दमदार प्रदर्शन से लोगों का दिल जीतते आ रहे हैं और आसा कि आगे भी करते रहेंगे।